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2022-04-09

Blog Niche Idea in Hindi - 2022 में किस टॉपिक पर ब्लॉग बनायें?

दोस्तों Blogging आजकल बहुत पॉपुलर हो चुका है। अगर आप भी 2022 में ब्लॉग शुरू करने की सोच रहे है, तो मेरी सलाह आपको यही रहेगी की आप अपने ब्लॉग के लिए सही Niche का चयन करे। क्योकि अगर आपने सही Niche सेलेक्ट नहीं किया है तो आपके ब्लॉग के success होने के chance बहुत कम है।


आजकल हर कोई Blogging करना चाहता है। लेकिन क्या आप जानते है की हर रोज कितने सारे लोग ब्लॉग शुरू करते है, लेकिन उसमे से कितने % ऐसे ब्लॉगर है जो सफल होते है ? शायद नहीं।  मै आपको बताता हूँ की 60% लोग ब्लॉग शुरू करने के बाद असफल हो जाते है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है की सही Niche [topic] का चुनाव न कर पाना। जी हा दोस्तों यह बिलकुल सही है। तो इसका Solution लेकर आ गया हू, आज इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताने वाला हूँ की 2022 में किस टॉपिक पर ब्लॉग बनायें?


Blog-Niche-Idea-in-Hindi


तो दोस्तों इस ब्लॉग को पूरा पढियेगा जिससे आपको  Blog Niche Idea  in Hindi - 2022 इससभी जानकारियाँ अच्छे से मिल जायेगी । 


इस ब्लॉग में, मै आपके साथ कई Blog Topic Idea हिंदी में शेयर करने वाला हूँ।  इसके बारे में जानने से पहले आइये जानते है की Blog Niche [Topic] क्या होता है ?


Contents  hide 

1 ब्लॉग Niche [Topic] क्या होता है ?

2 2022 में किस Niche [Topic] पर ब्लॉग बनाये

3 ब्लॉग Niche चुनते समय सबसे बड़ी गलती जो अक्क्सर लोग करते है

3.1 (1)- बिना रिसर्च किये ब्लॉग शुरू करना

3.2 (2)- गलत टॉपिक पर ब्लॉग बना कर मेहनत करते रहना

3.3 (3)- हाई कम्पटीशन या ब्रॉड Niche का चुनना

3.4 (4)- Monetization Option के बारे में सही जानकारी न होना

3.5 (5)- Niche [टॉपिक] चुनने में बहुत ज्यादा समय निकाल देना

4 सही ब्लॉग Niche[Topic] सेलेक्ट करने के फायदे

4.1 (1)- Marketing Become Easier

4.2 (2)- More Loyal User

4.3 (3)- More Traffic

4.4 (4)- You Might Become Expert

4.5 (5)- बड़े ब्रांड अप्प्रोच करेंगे

5 आपको Blogging Niche किस Base पर Select करना चाहिए ?

5.1 आपका Interest

5.2 आपको उसमे अनुभव होना चाहिए

5.3 Low Competition होना चाहिए

6 लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न ( FAQ )

7 इस लेख से हमने क्या सीखा

ब्लॉग Niche [Topic] क्या होता है ? 

दोस्तों ब्लॉग Niche या टॉपिक वो होता है, जिससे आपके ब्लॉग के विषय के बारे में पता चलता है की आखिर इस ब्लॉग में किस तरह की जानकारी है।  


उदहारण के लिए Fashion, Travel, Health, Education, Finance, Real Estate आदि यह सभी अलग अलग तरह की Niche है।  इसमें से हम अपना ब्लॉग किसी भी Niche पर बना सकते है।  


ज्यादातर ब्लॉग कीसी एक Niche पर आधारित होते है, और उस ब्लॉग पर एक तरह के ही कंटेंट मिलेंगे। मान लीजिये की कोई ब्लॉग फाइनेंस नीच पर है, तो उस पर सभी पोस्ट फाइनेंस से जुडी होंगी।  


अब हमने अच्छे से जान लिया है की ब्लॉग Niche क्या होता है। आइये अब जानते है की 2022 में किस टॉपिक पर Blog बनाये ? 


2022 में किस Niche [Topic] पर ब्लॉग बनाये

अगर आप 2022 में Blogging करने का सोच रहे है तो, मै आपको यहाँ 5 ऐसे Niche के बारे बता रहा हूँ जिसमे ब्लॉगिंग करके आप अच्छा पैसा कमा सकते है।


तो आइये जानते है, सबसे पहला Niche है, Web Series Review, दूसरा क्रिप्टो करेंसी, तीसरा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, चौथा Finance और सबसे लास्ट सरकारी स्कीम के बारे में बताना आदि। ये कुछ ऐसे ब्लॉग्गिंग Niche है, जिनमे अगर आप ब्लॉग बनाते है तो आप अच्छा पैसा कमा सकते है। 


ये भी पढ़े: फ्री में ब्लॉग कैसे बनाये 2022 | How to Create Free Blog in 2022


ब्लॉग Niche चुनते समय सबसे बड़ी गलती जो अक्क्सर लोग करते है

दोस्तों अक्सर आपने कई लोगो को कहते सुना होगा की Blogging बेकार है, इसमें  कुछ नहीं होता। मैंने भी ब्लॉग बनाया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।  


ये वो ही लोग होते है, जो बिना किसी रीसर्च के बिना सही जानकारी लिए ब्लॉग शुरू कर देते है, और fail हो जाते है। लेकिन इन सब में दोष देते है Blogging को।  


तो आज मै आपको यहाँ बताने वाला हूँ उन गलतियों  के बारे में जो की ज्यादातर लोग ब्लॉग बनाते समय करते है।  


(1)- बिना रिसर्च किये ब्लॉग शुरू करना  

बहुत सारे लोग ऐसे होते है जो बिना रिसर्च किये ब्लॉग के बारे में बिना जाने ब्लॉग शुरू कर देते है। ऐसे लोग कही कोई वीडियो देखते है और लगता है की Blogging में बहुत पैसा है और शुरू कर देते है।  


लेकिन यह बिलकुल गलत तरीका है। अगर आप भी 2022 में ब्लॉग शुरू करने की सोच रहे है, तो ये गलती बिलकुल मत करना। ब्लॉग बनाने से पहले ठीक से रिसर्च करना बहुत जरुरी है।  


(2)- गलत टॉपिक पर ब्लॉग बना कर मेहनत करते रहना

दोस्तों कुछ लोग ऐसे भी होते है जो ओवर कॉन्फिडेंट होते है। और बिना सोचे समझे किसी भी Niche पर ब्लॉग बना लेते है, और आँख बंद करके मेहनत करते जाते है। ऐसा आपको बिलकुल नहीं करना चाहिए।


अगर आपने किसी Niche पर ब्लॉग बना लिया है, तो उसको बीच-2 में Analyze जरूर करे की जिस Niche में हमने ब्लॉग बनाया है उसमे कम्पटीशन कितना है?  इसके साथ साथ इसकी डिमांड कितनी है ? क्योकि अगर आप ऐसा कंटेंट बना रहे है, जिसको बहुत कम यूजर Search कर रहे है तो आपके ब्लॉग के Success होने के chance बहुत कम होते है।  


(3)- हाई कम्पटीशन या ब्रॉड Niche का चुनना

अक्सर लोग ब्लॉग बनाते समय यह गलती कर बैठते है, और ब्रॉड Niche या हाई कम्पटीशन वाले Niche को सेलेक्ट कर लेते है। ऐसे में आपके ब्लॉग को आगे ले जाना और Success बनाना बहुत कठिन हो जाता है।


इसलिए  अगर आप अभी नए है और ब्लॉग शुरू करने का सोच रहे है, तो किसी ऐसे Niche पर ब्लॉग बनाओ जो बहुत High Competition वाला न हो।  


(4)- Monetization Option के बारे में सही जानकारी न होना 

दोस्तों ज्यादातर ब्लॉगर को मॉनेटाइज़शन के अन्य साधनो के बारे में मालूम ही नहीं होता है। और उनको लगता है की अगर गूगल AdSense का अप्रूवल न रहे तो ब्लॉग से Earning नहीं हो सकती है। लेकिन दोस्तों ऐसा बिलकुल भी नहीं है। अगर आपके ब्लॉग पर अच्छा खासा ट्रैफिक है, तो कर भी साधन है जिनसे अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।   


(5)- Niche [टॉपिक] चुनने में बहुत ज्यादा समय निकाल देना

जी हा कुछ ऐसे लोग भी होते है, जो ब्लॉग के टॉपिक Decide करने में ही बहुत ज्यादा समय निकाल देते है। और ब्लॉग शुरू ही नहीं कर पाते है।  


ये भी पढ़े: Blog क्या होता है और Blogging कैसे करते है


सही ब्लॉग Niche[Topic] सेलेक्ट करने के फायदे 

आइये अब जानते है की अगर सही Niche का सिलेक्शन किया जाये, तो उसके क्या क्या फायदे है ? 


(1)- Marketing Become Easier 

अगर आपने ब्लॉग बनाते समय सही Niche का चुनाव किया है तो उसकी मार्केटिंग करना बहुत आसान हो जायेगा।  


(2)- More Loyal User 

अगर आपने सही ब्लॉग Niche सेलेक्ट किया है तो आपको ज्यादा से ज्यादा Loyal यूजर मिलेंगे, जो एक्चुअल में आपके ब्लॉग के कंटेंट को पसंद कर रहे होंगे। इससे गूगल की नजर में आपके ब्लॉग की वैल्यू अच्छी हो जाएगी।  


(3)- More Traffic

आपको सही ब्लॉग Niche चुनने से एक फायदा यह भी होगा की आपको ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक मिलेगा। क्योकि आपके ब्लॉग पर उसी Niche के सभी पोस्ट मिलेंगे।  


(4)- You Might Become Expert 

जी हां दोस्तों अगर आपने अपने ब्लॉग का सही Niche सेलेक्ट करके उस पर काम करते है  तो कुछ समय बाद  आप Blogging में एक्सपर्ट भी बन सकते है।  


(5)- बड़े ब्रांड अप्प्रोच करेंगे 

दोस्तों अगर अपने सही Niche का चुनाव करके Blogging करते है तो, आपको बड़े बड़े ब्रांड अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को प्रमोट करने के लिए आपसे कांटेक्ट करेंगे।  


ये भी पढ़े: SEO क्या है और SEO ब्लॉग के लिए क्यों जरुरी है


आपको Blogging Niche किस Base पर Select करना चाहिए ?  

अब आप सोच रहे होंगे की आखिर अगर सही Niche सेलेक्ट करना हो तो कैसे करे ? तो यहाँ मै आपको कुछ Points बताने वाला हूँ, इसको पढ़ने के बाद आपको अपने ब्लॉग के लिए निचे का सिलेक्शन आसानी से कर सकते है ।  


आपका Interest 

आपको ब्लॉग के Niche सेलेक्ट करते टाइम यह जरूर ध्यान देना चाहिए, की उसमे आपका इंटरेस्ट होना चाहिए। अगर आपका इंटरेस्ट है, तो आपको उस ब्लॉग पर आर्टिकल लिखने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।  


आपको उसमे अनुभव होना चाहिए 

आपको अपना ब्लॉग Niche सेलेक्ट करते टाइम हमेशा ध्यान रखना चाहिए की, जो भी Niche पर आप ब्लॉग बना रहे हो उसमे आपका अनुभव होना चाहिए।  


Low Competition होना चाहिए

अगर आप Blogging में नए हो तो ब्लॉग Niche ऐसा सेलेक्ट करना चाहिए जिसमे की competition बहुत ज्यादा ना हो। अगर कम्पटीशन कम होगा तो आप अपने ब्लॉग को गूगल में जल्दी रैंक कर सकते है।  


लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न ( FAQ )

Q 1. Blogging के लिए सही Niche [Topic] कैसे चुने 


Ans. Blogging के लिए हमेशा ऐसा Niche सेलेक्ट करना चाहिए जिसमे आपका इंटरेस्ट हो और साथ ही साथ उसमे आपको अछि जानकारी हो। इसके अलावा उसका कम्पटीशन बहुत ज्यादा न हो।  


Q 2. कौन से Niche में ज्यादा पैसा है ? 


Ans. वैसे अगर देखा जाये तो बहुत सारे Niche है जिनमे अच्छा पैसा है , लेकिन कुछ ऐसे Niche है जिसमे ज्यादा पैसे है , जैसे हेल्थ एंड फिटनेस , पर्सनल फाइनेंस , फैशन एंड लाइफ स्टाइल ये कुछ ऐसे Niche है जिसमे अगर आप ब्लॉग बनाते है तो अच्छा पैसा कमा सकते है।  


Q 3. 2022 में कौन से Niche पर Blogging करना बेस्ट है ? 


अगर आप 2022 में Blogging शुरू कर रहे है तो आपके लिए ये 5 Niche सबसे बेस्ट होगी।  


1- Web Series Review (वेब सीरीज रिव्यु) 


2- Crypto Currency (क्रिप्टोकरेंसी) 


3- Artificial Intelligence (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस) 


4- Finance (फाइनेंस) 


5- About Govt Scheme (सरकारी योजना के बारे में))


Final words (अंतिम शब्द )

इस लेख से हमने सीखा की Blogging शुरू करने से पहले सही ब्लॉग Niche(Topic) कैसे सेलेक्ट करे। 2022 Me Kis Topic Par Blog Banaye । इसके साथ हमने इस ब्लॉग पोस्ट में सीखा की वो कौन सी गलतिया है जो अक्सर ही लोग ब्लॉग बनाते टाइम करते है। Blogging में कैसे सफल बनाना है। और सही Niche सेलेक्ट करने के क्या क्या फायदे है आदि ये सभी जानकारी हमने इस लेख में सीखा।  

2021-09-20

अपना Driving Training and License Center खोलकर पैसे कमाएं

अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को आरटीओ का चक्कर नहीं लगाना होगा. सरकार ने डीएल बनवाने के लिए नई तरह की व्यवस्था बनाई है. चूंकि आरटीओ कार्यालय में हर दिन सैकड़ों की संख्या में आवेदन आते हैं और हर व्यक्ति का ड्राइविंग टेस्ट लेने में लंबा समय लग जाता है. इस कारण आपकी बारी काफी देर से आती है और लाइसेंस बनने में काफी देरी होती है.


Driving-License-Center

अब प्राइवेट कंपनी भी जारी कर सकेंगी ड्राइविंग लाइसेंस

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नये दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) बनाने को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नोटिस के मुताबिक, अब कार कंपनियां (Car Manufacturers), ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (Automobile Associations) और एनजीओ (NGO) को भी ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड लाइसेंस सेंटर खोलने की इजाजत होगी. 



ये संस्थान अपने सेंटरों में ट्रेनिंग पास कर चुके लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी भी कर सकेंगे. अब लर्निंग लाइसेंस (Learning License) के लिए भी आपको परिवहन विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. लेकिन  कुछ मामलों में गाड़ियों के पंजीकरण (RC) के लिए अभी भी आपको आरटीओ ही जाना पड़ सकता है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने इस बारे में नोटिस जारी कर दिया है. हालांकि, रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) पहले की तरह ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते रहेंगे.


ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर खोलने के लिए कौन - कौन  अप्लाई  कर सकता है?

पहले ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की सुविधा केवल  क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों यानि आरटीओ के पास होती थी पर नई गाइडलाइंस के अनुसार अब ये सभी संस्थाएं जैसे फर्म्स, एनजीओ, प्राइवेट कंपनियां, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन, व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ऑटोनॉमस बॉडी, प्राइवेट व्हीकल मैन्युफैक्चरर, ये सभी अपने यहां ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड लाइसेंस सेंटर खोलने के लिए अप्लाई कर सकेंगे.


ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर खोलने के लिए क्या जरूरी है?


जो संस्थाएं अपने यहां ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहती हैं, इनके पास केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत निर्धारित जमीन पर जरूरी सुविधाएं जैसे क्लास रूम, सिमुलेटर और एक खास ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक होना जरूरी है. यही नहीं अगर कोई राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में इसके लिए अप्लाई करता है, तो उसे रिसोर्स को मैनेज करने को लेकर अपनी फाइनेंशियल कैपेबिलिटी भी दिखानी होगी.


एप्लीकेशन में क्या-क्या जानकारी देनी होगी?

एप्लीकेशन में फाइनेंशियल कैपेसिटी, लीगल स्टेटस, ट्रेनिंग और टेस्टिंग के लिए कितना स्पेस है, या इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है, ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनीज, ड्राइविंग ट्रेनिंग और रोड सेफ्टी को लेकर कितना अनुभव है, कनेक्टिविटी, आम लोगों की कितनी पहुंच है और शहर से वो ट्रेनिंग सेंटर कितना दूर है, ये सभी जानकारी होनी चाहिए.

सरकार के मुताबिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने के प्रोसेस को अप्लाई करने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा. इन ट्रेनिंग सेंटर्स को अपनी एनुअल रिपोर्ट भी जमा करानी होगी, जिसे आरटीओ या डीटीओ में जमा कराया जा सकेगा. नए नियमों के मुताबिक, ये ट्रेनिंग सेंटर चलाने वाली संस्थाएं कॉर्पोरेट क्षेत्र से या केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत या कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत मदद मांग सकती हैं.


एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाना होगा

मान्यता प्राप्त केंद्रों को ऑनलाइन पोर्टल भी बनाना होगा, जिसमें प्रशिक्षण कैलेंडर, ट्रेनिंग कोर्स स्ट्रक्चर, प्रशिक्षण घंटे और कार्य दिवसों की जानकारी देनी होगी. इस ऑनलाइन पोर्टल में प्रशिक्षण / प्रशिक्षित लोगों की लिस्ट, प्रशिक्षकों की डिटेल्स, ट्रेनिंग के नतीजे, उपलब्ध सुविधाएं, छुट्टियों की सूची, ट्रेनिंग फीस, जैसी कई जानकारी भी होनी चाहिए.

2021-09-11

CCNA क्या है CCNA Course और Certification कैसे करें?

यदि आप भी अपना करियर नेटवर्किंग के क्षेत्र में बनाना चाहते है तो CCNA का कोर्स कर आप इस क्षेत्र में महारत हासिल कर एक अच्छे पोजीशन पर भी पहुच सकते है। बात अगर CCNA की करें तो यह नेटवर्किंग से जुड़ा कोर्स होता है जिसे अमेरिकन कंपनी CISCO ने शुरू किया था। जो एक बहुत ही अच्छा कोर्स है और इसका डिमांड समय के साथ और भी बढ़ता ही जा रहा है। तो चलिए आज हम सब इसपे विस्तार से बात करते है और जानेंगे CCNA क्या है CCNA कोर्स और सर्टिफिकेशन कैसे करें। 


What-is-CCNA-Certification?

2021-09-09

SSL Certificate क्या है और यह कैसे काम करता है?

जब भी हम किसी वेबसाइट पर जाते है तो हमारे मन में SSL को लेकर सवाल जरुर आता है और यह लाजमी भी है। कोई भी व्यक्ति जब कोई काम करता है तो उसके लिए उसका सुरक्षा बहुत ही ज्यादा जरुरी हो जाता है। इस दृष्टिकोण से देखा जाये तो आज के इस समय में बहुत से काम ऑनलाइन हो गया है जो किसी वेबसाइट या फिर किसी APP के द्वारा मैनेज किया जाता है।


What-is-SSL-certificate-and-why-is-it-so-important?

2021-09-08

Optical Fiber क्या है और यह कैसे काम करता है?

आज के तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहे इस समय में मानव समाज अपने उपयोग का हर सामान इन्टरनेट के माध्यम से कर रहा है खाने के लिए सामान एक क्लिक करते ही घर पर आ जा रहा है। पहनने के लिए कपड़े, पढ़ने के लिए किताब यहा तक की अब ऑनलाइन आप लेन देन भी कर सकते है इसके लिए आपको बैंक जाने की भी जरुरत नही है।


Optical-Fiber-क्या-है-और-यह-कैसे-काम-करता-है?

2021-08-30

मामला क्या है ... उत्तराखंड में भू- कानून की मांग।

आज का हमारा लेख UTTARAKHAND LAND LAW (उत्तराखंड भू-कानून) के बारे में है। जिसके बारे में विस्तार से इस लेख के माध्यम से हम आज चर्चा करेंगे।


देवभूमि उत्तराखंड की दैवीय और शांत वादियों की रक्षा और इस पलायन के दंश का जवाब देने तथा हमारे भावी पीढि़यों के भविष्य के लिए और हमारी कृषि योग्य भूमि की रक्षा के लिए आज एक सुदृढ़ और सशक्त कानून की आवश्यकता आन पड़ी है।


खिलखिलाते पहाड़, हरे-भरे घास से लदलद मैदान, कल-कल, छल-छल बहते झरने, नदियाँ और पहाड़ की आबोहवा किस को पसन्द नहीं होगी। फिर भी हम पहाडो़ को छोड़कर हर जगह पलायन का दंश ही झेलते आए है।


अभी उत्तराखंड अपने भू कानून को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। आख़िर उत्तराखंड के नागरिकों की मांगें क्या हैं ? और क्यों इसकी आवश्यकता महसूस की गई ? ऐसे ही विषयो पर हम आगे चर्चा करेंगे।


चाहें उत्तराखंड का संगीत, नृत्य, भाषाएं, बोलियों की ही बात हो, या आयुर्वेद औषधियों से समृद्ध पहाड़ी क्षेत्र हो, या अनेक पावन पवित्र नदियों का उदगम क्षेत्र, ऋषि मुनियों की समृद्ध ज्ञान परम्परा ही क्यों न हो आदि। ऐसी ही अनेक ओर भी विशेषताएं उत्तराखंड की भूमि पर मौजूद है, अगर सोचने बैठे तो एक बड़ी लिस्ट तैयार हो जाए।


Demand-for-Land-Law-in-Uttarakhand


उत्तराखंड रीति रिवाजों, परंपराओं, कला और संस्कृति आदि से समृद्ध राज्य है। यहाँ की सांस्कृतिक विशेषताओं का गवाह पूरा देश ही नही बल्कि विश्व भी किसी न किसी रूप में रहा है।


जब भी देश में किसी भी क्षेत्र की संस्कृति को कोई हानि या ख़तरे का संकेत मिलता हैं। तो स्थानीय लोगों ने उसके खिलाफ़ हमेशा से ही अपने पूरे सामर्थ्य के साथ आवाज उठाई है।


ऐसी ही एक गूँज उत्तराखंड राज्य के नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया माध्यमों पर, उत्तराखंड की संस्कृति को सहेजने के लिए उठायी जा रही है।


भारत भौगोलिक विभिन्नताओं से सम्पन्न देश हैं यहाँ मैदान, पठार, पहाड़ी क्षेत्र, दलदली क्षेत्र आदि भौगौलिक विशेषताएं पाई जाती हैं। भारत के प्रत्येक राज्य में अलग अलग परंपराएं, रीति रिवाज, कला और संस्कृति मौजूद है जैसे कि रहन-सहन, पोशाक, खान-पान, स्थानीय संगीत, नृत्य आदि। और उत्तराखंड ने इसमें हमेशा चार चाँद लगाए हैं। 


आज का उत्तराखंड का युवा बुध्दिजीवी नागरिक इस बात को अच्छी तरह जनता है और डंके की चोट पर कह सकता है की भारत देश में उत्तराखंड जैसा विवधता संपन्न और कोई दूसरा राज्य नहीं है न हो सकता है जिसमें कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत, खान-पान से लेकर धार्मिक, आध्यात्मिक ज्ञान, वीर गाथाएँ, ऐतिहासिक पर्यटन, और नैसर्गिक सुंदरता का अधभूत, अकल्पनीय समावेश हो। 


उत्तराखंड भारत की अतुलनीय अमूल्य धरोहर है जहाँ न जाने कितने मिनी स्विट्जरलैंड और कश्मीर बसते हैं जँहा विकास और रोजगार की असीमित संभावनाएं है उसी की सुरक्षा के लिए आज का उतराखंड वासी एकजुट और तत्पर  होकर भू कानून की पुरजोर मांग कर रहा है पर राज्य सदैव से ही सरकार की उपेक्षा का गवाह रहा है। 


तो आइये उत्तराखण्ड भू कानून के बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करते हैं। 


क्या है उत्तराखंड भू कानून?

साल 2000 में जब उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से अलग कर अलग संस्कृति, बोली-भाषा होने के दम पर एक संपूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया था. उस समय कई आंदोलनकारियों समेत प्रदेश के बुद्धिजीवियों को डर था कि प्रदेश की जमीन और संस्कृति भू माफियाओं के हाथ में न चली जाए. इसलिए सरकार से एक भू-कानून की मांग की गई। 


उत्तराखंड राज्य बनने के बाद 2002 तक उत्तराखंड में अन्य राज्यों के लोग, केवल 500 वर्ग मीटर जमीन खरीद सकते थे। 2007 में यह सीमा 250 वर्गमीटर कर दी गयी थी। 6 अक्टूबर 2018 में सरकार अध्यादेश लायी और “उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम,1950″ में संसोधन का विधेयक पारित करके, उसमें धारा 143 (क) धारा 154(2) जोड़ कर पहाड़ो में भूमिखरीद की अधिकतम सीमा समाप्त कर दी।


आज कल सोशल मीडिया पर उत्तराखंड मांगे भू कानून ट्रेंड कर रहा है। सभी उत्तराखंडियों की एक ही कोशिश है, कैसे भी वर्तमान सरकार के कानों में ये बात पहुँचे।


इस अभियान के पीछे कोई सियासी सोच नहीं है बल्कि यह पहाड़ और यहां की संस्कृति को बचाने के लिए एक जन आंदोलन बन रहा है। उत्तराखंड में यह कानून ना होने के कारण यहां दूरदराज के पहाड़ और गांवों में भूमि पर राज्य से बाहर के लोगों का आधिपत्य होने लगा है।


उत्तराखंड में भू कानून का मुद्दा अचानक गरमा गया है, इस बार इस कानून के पक्ष में आम युवा एकजुट और एक पक्ष में है। बीते कई दिनों से टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भू कानून के समर्थन में युवा जोरदार अभियान छेड़ रहे हैं। इसमें लोकगीतों से लेकर एनिमेशन और पोस्टर तक का सहारा लिया जा रहा है।


सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं ने ओने पौने दाम पर बिक रही कृषि भूमि बचाने के लिए मजबूत भू कानून की मांग को लेकर अभियान छेड़ दिया है। तमाम सोशल मीडिया मंच पर बीते महीनों से भू कानून की मांग ट्रेंड कर रही है।


उत्तराखंड का युवा भू-कानून की मांग क्यों रहा है ?


उत्तराखंड का भू कानून बहुत ही लचीला है। जिसके कारण यहाँ की जमीन देश का कोई भी नागरिक आसानी से खरीद सकता है।


यहाँ के कुछ लोग, क्षणिक धन के लालच में अपनी पैतृक जमीनों को, अन्य राज्य के लोंगो को बेच रहे हैं। उन लोगो को या तो भविष्य का ये भयानक खतरा, जो हमारे समाज के सीधे-सादे लोगो को नहीं दिख रहा है, या फिर पैसे के लालच में जानबूझकर अपनी कीमती जमीनों को बेच रहे हैं। 


इसी पर लगाम लगाने के लिए, कुछ सामाजिक कार्यकर्ता, अन्य युवा मिल कर उत्तराखंड के लिए नए और सशक्त भू कानून की मांग कर रहे हैं।


वर्तमान स्थिति यह है, कि देश के हर कोने से लोग यहाँ जमीन लेकर रहने लगे हैं। जो उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा रहन-सहन, उत्तराखंडी समाज के विलुप्ति का कारण बन सकता है। 


धीरे-धीरे यह पहाड़ी जीवन शैली, पहाड़वाद को विलुप्ति की ओर धकेल रहा है। इसलिए सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय लोग, एक सशक्त, हिमांचल के जैसे भू कानून की मांग कर रहें हैं।


इसीलिए ट्विटर (Twitter) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर, उत्तराखंड मांगे भू कानून ट्रेंड कर रहा है।


क्या है हिमांचल का भू-कानून 

 

1972 में हिमाचल राज्य में एक कानून बनाया गया,जिसके अंतर्गत बाहरी लोग, अधिक पैसे वाले लोग, हिमाचल में जमीन न खरीद सकें। उस समय हिमाचल के लोग इतने सम्पन्न नहीं थे, और यह आशंका थी, कि हिमाचली लोग, बाह्य लोगो को अपनी जमीन बेच देंगे,और भूमिहीन हो जाएंगे। और हिमाचली संस्कृति की विलुप्ति का भी खतरा बढ़ जाएगा।


हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री और हिमांचल के निर्माता, डॉ यसवंत सिंह परमार जी ने ये कानून बनाया था। हिमांचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 (Himanchal Pradesh Tenancy and Land Reforms Act , 1972) में प्रावधान किया था।


एक्ट के 11वे अध्याय में  Control on Transfer of Lands में धारा-118 के तहत हिमाचल में कृषि भूमि नही खरीदी जा सकती, गैर हिमाचली नागरिक को यहाँ, जमीन खरीदने की इजाजत नही है। और  कॉमर्शियल प्रयोग के लिए आप जमीन किराए पे ले सकते हैं।


2007 में धूमल सरकार ने धारा-118 में संशोधन कर के यह प्रावधान किया था, कि बाहरी राज्य का व्यक्ति जिसे हिमाचल में 15 साल रहते हुए हो गए हों, वो यहां जमीन ले सकता है। इसका बहुत विरोध हुआ, बाद में अगली सरकार ने इसे बढ़ा कर 30 साल कर दिया।

 

समर्थन में सांकेतिक धरना देने की अपील

 

सोशल मीडिया मंच के जरिए कई लोगों ने भू कानून के समर्थन में कई बार अपने घरों में 15 मिनट का सांकेतिक धरना देने की अपील की है। हमारे समाज में स्वरोजगार को अभी भी इतनी अहमियत नहीं मिली है पर भविष्य में आने वाली भावी पीढ़ी जरूर इस दिशा में सोचेगी । इसके लिए यहां की भूमि को बचाना अत्यंत आवश्यक है। इस भू-कानून की मांग का उद्देश्य मात्र पहाड़ और यहां के गाँवो की भूमि को बचाना है और कुछ भी नहीं।


हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत, हमारी लोकभाषा एवं लोक कला, और यहाँ की सुंदतरता और शांति को सहेजे रखना है तो एक सशक्त भू-कानून की मांग करनी होगी। जिससे हमारी लोकसंस्कृति के साथ-साथ हमारे हकों की भी रक्षा सुनिश्चित हो सके।


उत्तराखंड की संस्कृति की रक्षा, पलायन पर रोक और उत्तराखंड को विकसित करने के लिए एक सख्त भू-कानून जरूरी है। जब देश के एक हिमालयी राज्य हिमांचल में सख्त भू-कानून बन सकता है तो उत्तराखंड क्यों नही ?


देश की विविधता में एकता की विशेषता को संरक्षित करने के लिए स्थानीय संस्कृति को सहेजना अत्यंत आवश्यक हैं।  प्रत्येक स्थान की स्थानीय परम्पराओं, रीती रिवाजो, कला और संस्कृति में कुछ न कुछ विशेष ज्ञान ( जैसे संगीत, आयुर्वेद आदि ) अवश्य समाहित होता हैं। जिससे अगर हम स्थानीय संस्कृति को सहेजने का प्रयास नहीं करेंगे तो हज़ारो वर्षो  से स्थानीय व्यक्तियों के पास मौजूद हमारी ज्ञान रूपी धरोवर नष्ट होने की कगार पर आ जायेगी।


अतः भारत राष्ट्र की विशेषता तभी अखंड रह पाएगी जब देश के राज्यों की विशेषताओं को संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सरकार को सभी पहलुओं पर विचार करके इस विषय को गंभीरता से लेते हुए।  इस विषय को अपनी प्राथमिकताओं में रखना चाहिए।


Final Words (अंतिम शब्द )

एक उत्तराखंड वासी के रूप में हमारा उद्देश्य उत्तराखंड समाज में जागरूकता का विकास, ज्ञान का प्रसार, उत्तराखंड की कला और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए भरसक प्रयास और प्रसार करना होना चाहिए।


मैं उत्तराखंड  में जन्म लेने वाला भारत देश में उत्तराखंड की अमूल्य, अलौकीक, समृद्ध संस्कृति को संरक्षित और सहेजने के पक्ष में हूँ और भू कानून की मांग करता हूँ तथा आप से भी अपेक्षा रखता हूँ की आप इस मुहीम में उत्तराखंड राज्य का साथ देंगे।


मैं आपसे उत्साहपूर्ण अपील करता हूँ  की इस लेख को अपने मित्रों और परिचितों के साथ अवश्य शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपना समर्थ अंकित करें।

2021-08-24

Uttarakhand GK - उत्तराखंड सामान्य ज्ञान सम्पूर्ण जानकरी

Uttarakhand GK - उत्तराखंड सामान्य ज्ञान उत्तराखंड की सभी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अति महत्त्वपूर्ण है अगर आप उत्तराखंड से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त करना चाहते हैं और उत्तराखंड की किसी भी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर रहें हैं तो ये जानकारी निश्चित रूप से आपके लिए ही है।  


मैं आशा करता हूँ आप इस जानकारी को पढ़ कर उत्तराखंड की सभी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में अवश्य सफल होंगे।


Uttarakhand-An-Introduction

2021-08-16

Satellite Internet क्या है - पूरी जानकारी

Satellite Internet क्या है यह कैसे हर जगह इंटेरनेट की सुविधा देगा। इस तकनीक में केबल बिछाने की जरुरत नही हैं आइए जानते है इसकी पूरी जानकारी। 


आप सब को पता है अब Internet हमारे जीवन में बहुत उपयोगी हो गया है। इसके बिना हम रह नही सकते है। इंटरनेट के माध्यम से कनेक्टिविटी अब एक ‘विकल्प’ नहीं बल्कि एक तत्काल आवश्यकता बन गई है। बिल का भुगतान, यात्रा, किराने का सामान, भोजन, टेक्स्टिंग और बहुत कुछ इंटरनेट पर निर्भर करता है। यदि आवश्यकता बढ़ गई है, तो प्रयास ने भी इसे विश्वसनीय बनाना शुरू कर दिया है।


आज भी, देश में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां इंटरनेट नहीं पहुंचा है। इस अंतर को खतम करने के लिए अब सैटेलाइट इंटरनेट आ गया है। जिसके जरिए दूरस्त इलाकों से लेकर पहाड़ों और घाटियों तक इंटरनेट उपलब्ध होगा।


What-is-Satellite-Internet-सैटेलाइट इंटरनेट

2021-08-12

Famous foods of Uttarakhand - उत्तराखंड के प्रसिद्ध भोजन

उत्तराखंड भारत का एक खूबसूरत राज्य है जो मुख्य रूप से अपनी पहाड़ी सुन्दरता, कला, संस्कृति और खाने के लिए प्रसिद्ध है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को उँगलियाँ चाटने पर मजबूर कर देता है। 


उत्तराखंड के प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में अनोखी बात यह है कि वे ज्यादातर जलती हुई लकड़ी या लकड़ी के कोयले पर पकाया जाता है, जो उन्हें अतिरिक्त पौष्टिक गुण प्रदान करता है। 


उत्तराखंड के खाने में कई वैरायटी मौजूद है जिन्हें कोई भी उत्तराखंड की यात्रा में चख सकता है। उत्तराखंड के फेमस खाने के बार में बहुत से लोग तो अभी भी अनजान है।


Famous_foods_of Uttrakhand

Lohaghat ( लोहाघाट ) hidden gem of Uttarakhand - कश्मीर में नहीं लोहाघाट में है असली स्वर्ग!

एक चीनी व्यापारी ने इस शहर के बारे में कहा था कि धरती पर स्वर्ग कश्मीर में नहीं बल्कि लोहाघाट में बसता है। यहां खूबसूरती के अलावा ऐसी जगहें हैं जिनके साथ हैरान करने वाली धार्मिक और ऐतिहासिक गाथाएं भी जुड़ी हैं।


कहते हैं कि प्रकृति को करीब से देखना हो और उसकी गोद में रहने का सच्चा आनंद पाना हो, तो उत्तराखंड एकदम पर्फेक्ट है। 


उत्तराखंड राज्य टूरिस्टों के बीच पॉप्युलर डेस्टिनेशन है, लेकिन जब बात घूमने की आती है तो टूरिस्टों के दिमाग में भी सिर्फ चकराता, नैनीताल, देहरादून, चोपता, ऑली, फूलों की घाटी आदि जगहें ही आती हैं, जबकि उत्तराखंड में कई ऐसी गुप्त जगहें हैं, जो अभी भी टूरिस्टों से अछूती-सी ही हैं।


यानी अन्य जगहों के मुकाबले इन गुप्त जगहों की तरफ कम ही टूरिस्ट रुख करते हैं। हालांकि ये जगहें हैं बड़ी खूबसूरत। इनकी खूबसूरती और यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जान कोई भी हैरान रह जाएगा। उत्तराखंड में ऐसी ही एक जगह है लोहाघाट।


Lohaghat_hidden_gem_of_Uttarakhand

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