अगले 24 घंटे सावधान उत्तराखंड…भूकंप से भी बड़ा कुछ होने वाला है ! - Wah India Wah

Monday, April 17, 2017

अगले 24 घंटे सावधान उत्तराखंड…भूकंप से भी बड़ा कुछ होने वाला है !


सुबह 4:40 बजे का वक्त था, गढ़वाल मंडल में लोग गहरी नींद में सो रहे थे तभी अचानक धरती डोल उठी। लोग भूंकस से एक बार फिर सहम उठे। गढ़वाल मंडल में चार दिन के अंदर दूसरी बार धरती डोली तो हर कोई सहम उठा। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी था और रिक्टर पैमाने पर इसका परिमाण 3.8 आंका गया। जिसकी वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ। 


Uttarakhand-Alert

जब इस बारे में विशेषज्ञों से बात की गई तो उनका कहना था कि लगातार डोल रही धरती किसी बड़े खतरे का संकेत दे रही है। एक अंतराल पर डोल रही धरती का ये संकेत है कि आने वाले 24 से 48 घंटे या फिर आने वाले दिन उत्तराखंड के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे में सतर्क रहिए, सावधान रहिए। हम आपको सतर्क और सावधान रहने के लिए इस लिए कह रहे हैं कि क्योंकि इसके पीछे कई खतरे छिपे हैं। हालांकि धरती के अंदर चल रही उथल-पुथल को लेकर कोई कायस तो नहीं लगाए जा सकते, लेकिन आने वाले खतरे को भांपते हुए आपको सावधान रहने की जरुरत है।

खास करके तब, जब ये बता पाना नामुमकिन हो कि किस इलाके में कब और कितना बड़ा भूकंप कितने अंतराल में सकता है।ये ही वो वजह है कि इसे लेकर चिंताएं और बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में जिस तरह से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, ये एक बड़े खतरे का संकेत भी हो सकते हैं। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत के कई राज्यों में बड़े भूकंप की आशंका हर वक्त बनी रहती है। ये आने वाले दिनों से लेकर 50 साल बाद भी आ सकता है। और इसकी मुख्य वजह हिमालयी क्षेत्र की भूगर्भीय प्लेटों का लगातार तनाव में रहना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इंडियन प्लेट हर साल 45 मिलीमीटर की रफ्तार से यूरेशियन प्लेट के नीचे घुस रही है। इससे भूगर्भ में लगातार ऊर्जा संचित हो रही है।

तनाव बढ़ने से निकलने वाली ज्यादा ऊर्जा से भूगर्भीय चट्टानें फट सकती हैं। 2000 किलोमीटर लंबी हिमालय श्रृंखला के हर 100 किमी क्षेत्र में तिव्र क्षमता का भूकंप आने की संभावना है। हिमालयी क्षेत्र में ऐसे 20 जगह हो सकते हैं जो भूकंप के केंद्र हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहाना है कि हालात ये इशारा कर रहे हैं कि उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। प्रदेश में एक अंतराल पर धरती के डोलने को आप एक चेतावनी के तौर पर ले सकते हैं, क्योंकि ये हिमालय का क्षेत्र है। जिसके भूगर्भ में लगातार सालों से बदलाव हो रहा है। और इस बात की वैज्ञानिक भी पुष्टि करते आ रहे हैं। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि यूरेशियन-इंडो प्लेट की टकराहट से जमीन के अंदर से ऊर्जा बाहर निकलती रहती है।

जिसकी वजह से भूकंप के झटके आते रहते हैं। उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में लंबे समय से बड़ा भूकंप नहीं आया है। ऐसे में विशेषज्ञों की मानें तो यहां धरती के अंदर भारी मात्रा में ऊर्जा संरक्षित हो सकती है, जो कभी भी बड़े भूकंप का सबब बन सकती है। भूवैज्ञानिकों की इस तरह की पुष्टि और प्रदेश में लगातार आ रहे भूकंप के झटके तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले घंटे, दिन, महीने और साल सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्की पूरे उत्तर भारत पर भारी पड़ सकते हैं। जिस तरह से लगातार उत्तराखंड के कुछ जिले भूकंप के केंद्र बन रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश का कोई भी जिला भूकंप का केंद्र हो सकता है। और अगर रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तिव्रता तेज हुई तो प्रदेश में बड़ी तबाही मच सकती है। राज्य समीक्षा का मकसद आपको डराना नहीं है बल्कि किसी भी बड़ी आपदा के आने से पहले आपको सावधान और सतर्क करना हमारा मकसद है। ताकि किसी भी आपदा से निपटने के लिए आप पहले से ही तैयार रहें।

आभार : राज्य समीक्षा 

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