Saturday, August 1, 2020

Big News: TikTok जल्द भारत में कर सकता है वापसी, माइक्रोसॉफ्ट से हुआ सौदा


यदि आपको भी भारत में टिकटॉक के बैन होने से दुःख हुआ था, आप परेशान थे तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारत के बाद अमेरिका में टिकटॉक बैन होने वाला था लेकिन कंपनी ने अमेरिका के आगे घुटने टेक दिए हैं। अब अमेरिका में टिकटॉक बैन नहीं होगा। अमेरिका के बाद टिकटॉक जल्द ही भारत में वापसी को तैयार है। आइए जानते हैं कैसे?


TikTok

सबसे पहले आपको बता दें कि टिकटॉक अब माइक्रोसॉफ्ट का हो चुका है यानी अमेरिका में टिकटॉक के कारोबार को अब माइक्रोसॉफ्ट ही देखेगी और माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर पर ही टिकटॉक यूजर्स का डाटा स्टोर होगा। अमेरिकी टिकटॉक यूजर्स के डाटा की पूरी जिम्मेदारी माइक्रोसॉफ्ट की होगी। रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक को पांच बिलियन डॉलर्स में खरीद सकता है।

शुरुआती तौर पर तो माइक्रोसॉफ्ट, टिकटॉक के सिर्फ अमेरिकी बिजनेस को हैंडल करेगी लेकिन यह संभव है कि भारतीय बाजार की जिम्मेदारी भी माइक्रोसॉफ्ट को ही दी जाए और यदि ऐसा होता है तो भारत में टिकटॉक की वापसी तय है

माइक्रोसॉफ्ट के किसी एप को लेकर भारत में अभी तक विवाद नहीं हुआ है। टिकटॉक के साथ इस डील के बाद माइक्रोसॉफ्ट अपने भरोसे पर भारत में टिकटॉक की वापसी करा सकता है। यदि टिकटॉक की वापसी होती है तो भारतीय शॉर्ट वीडियो एप्स की मुसीबत बढ़ जाएगी।

कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट आई थी कि चीन से नाता तोड़ने और प्रतिबंध से बचने के लिए टिकटॉक लंदन में अपना मुख्यालय बना रहा है। हाल ही में टिकटॉक ने डिज्नी के केविन मेयर को अपना सीईओ नियुक्त किया है। केविन पर टिकटॉक समेत बाइट्डांस के कई सारे एप्स की जिम्मेदारी है।

माइक्रोसॉफ्ट का हुआ TikTok, अब अमेरिका में नहीं लगेगा प्रतिबंध

डाटा सिक्योरिटी को लेकर विवादित चाइनीज शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक (Tiktok) अमेरिकी स्वामित्व में जाने के लिए राजी हो गया है। पिछले एक महीने से चल रही लंबी बहस के बाद टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस ने यह फैसला लिया है।

इससे पहले टिकटॉक ने कहा था कि वह अमेरिका में बैन से बचने के लिए कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है, जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजी नहीं थे और वे आज टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने वाले थे लेकिन ऐन वक्त पर टिकटॉक पूरी हिस्सेदारी अमेरिका को देने के लिए राजी हो गया। माइक्रोसॉफ्ट और टिकटॉक के बीच यह सौदा पांच बिलियन डॉलर्स में हो सकता है।

समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक अमेरिका में अब टिकटॉक के यूजर्स के डाटा की जिम्मेदारी माइक्रोसॉफ्ट की होगी। यूजर्स का डाटा माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर पर स्टोर होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो बाइटडांस ने अपनी चीनी चोला उतार फेंका है, हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के साथ इस डील को लेकर टिकटॉक या माइक्रोसॉफ्ट की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बता दें कि भारत के बाद अमेरिका टिकटॉक के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। अमेरिका में टिकटॉक के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 80 मिलियन यानी आठ करोड़ है। ऐसे में कंपनी का इस फैसले ने उसे होने वाले बड़े नुकसान से बचा दिया है। साथ ही भारत में टिकटॉक की वापसी की उम्मीद भी बढ़ गई है।

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