2021-07-16

RTO का नया नियम : अब Driving License के लिए नहीं देना पड़ेगा Driving Test



अगर आप नया ड्राइविंग लाइसेंस ( Driving License ) बनवाने के लिए जा रहे हैं तो अब आपको इसके लिए टेस्ट नहीं देना पड़ेगा. हालांकि इसके लिए आपको एक काम करने की जरूरत होगी. 


दरअसल, अगर कोई व्यक्ति मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से ड्राइविंग की ट्रेनिंग लेता है तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी ( No Driving Test Required at RTO ) . 


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ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के माध्यम से कठिन प्रक्रिया से गुजरे बिना दस्तावेज़ को आसान तरीके से प्राप्त करने में सक्षम होंगे। 


New Rule - No Driving Test Required at RTO 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का एक संशोधित नियम 1 जुलाई, गुरुवार को लागू हुआ, जिसमें उम्मीदवारों को ड्राइविंग टेस्ट दिए बिना ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की अनुमति दी गई।


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry Of Road Transport and Highways - MORTH) ने मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए अनिवार्य नियमों को अधिसूचित कर दिया है. 


नए नियम 1 जुलाई, 2021 से लागू हो चुके हैं. इन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को उचित प्रशिक्षण और जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी. 


कैंडिडेट को इस ट्रेनिंग कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की जरुरत नहीं पड़ेगी.


ये खास बातें जो आपको पता होनी चाहिए 

उच्च गुणवत्ता प्रशिक्षण की सुविधा 

उम्मीदवारों को उच्च गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण केंद्र सिमुलेटर और खास ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक से युक्त होगा. 


इन केंद्रों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आवश्यकताओं के अनुसार उपचारात्मक और रिफ्रेशर पाठ्यक्रम का लाभ उठाया जा सकता है. 


ये प्रशिक्षण केंद्र आवेदकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण के लिए सिमुलेटर और एक समर्पित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक से लैस होंगे।


कोर्स की अवधि ( अधिकतम चार सप्ताह )

अधिसूचना के अनुसार, एक मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केंद्र में हल्के मोटर वाहन के लिए ड्राइविंग  पाठ्यक्रम शुरू होने की तारीख से अधिकतम चार सप्ताह की अवधि में 29 घंटे तक चलेगा। पाठ्यक्रम को सिद्धांत और व्यवहार में विभाजित किया जाएगा।


इन केंद्रों पर सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय ड्राइविंग टेस्ट की आवश्यकता से छूट मिलेगी. 


वर्तमान में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है. ड्राइवरों को ऐसे मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने में मदद मिलेगी.


विशिष्ट प्रशिक्षण (अवधि छह सप्ताह ) 

इन केंद्रों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार विशिष्ट प्रशिक्षण भी प्रदान करने की अनुमति है. कुशल ड्राइवरों की कमी भारतीय सड़क क्षेत्र में प्रमुख समस्याओं में से एक है. 


सड़क नियमों के ज्ञान की कमी के कारण बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं भी होती हैं. मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 8 केंद्र सरकार को चालक प्रशिक्षण केंद्रों की मान्यता के संबंध में नियम बनाने का अधिकार देती है.


प्रशिक्षण केंद्रों में मध्यम और भारी मोटर वाहन ड्राइविंग पाठ्यक्रमों की अवधि छह सप्ताह की अवधि में 38 घंटे है। 


सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान 

एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिसूचना में कहा गया है, "इन्हें दो खंडों में विभाजित किया जाना है, सैद्धांतिक और व्यावहारिक"।


प्रशिक्षण में सड़क पर अन्य लोगों के साथ नैतिक और विनम्र व्यवहार के बारे में कुछ बुनियादी बातें सिखाना भी शामिल होगा।


केंद्र न केवल हल्के, मध्यम और भारी मोटर वाहनों तक ही सीमित हैं बल्कि उद्योग-विशिष्ट विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे। यह कोर्स सड़क पर कुशल चालकों की कमी को पूरा करेगा।


प्रशिक्षण केंद्रों की मान्यता ( पांच साल )

मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों के लिए दी गई मान्यता पांच साल की अवधि के लिए लागू होगी और इसे नवीनीकृत किया जा सकता है।


भारतीय सड़कों पर उचित ज्ञान और योग्यता की कमी को कुछ प्रमुख मुद्दों के रूप में माना जाता है और ऐसे मुद्दों और नियमों की कमी के कारण बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

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