2021-08-12

Lohaghat ( लोहाघाट ) hidden gem of Uttarakhand - कश्मीर में नहीं लोहाघाट में है असली स्वर्ग!



एक चीनी व्यापारी ने इस शहर के बारे में कहा था कि धरती पर स्वर्ग कश्मीर में नहीं बल्कि लोहाघाट में बसता है। यहां खूबसूरती के अलावा ऐसी जगहें हैं जिनके साथ हैरान करने वाली धार्मिक और ऐतिहासिक गाथाएं भी जुड़ी हैं।


कहते हैं कि प्रकृति को करीब से देखना हो और उसकी गोद में रहने का सच्चा आनंद पाना हो, तो उत्तराखंड एकदम पर्फेक्ट है। 


उत्तराखंड राज्य टूरिस्टों के बीच पॉप्युलर डेस्टिनेशन है, लेकिन जब बात घूमने की आती है तो टूरिस्टों के दिमाग में भी सिर्फ चकराता, नैनीताल, देहरादून, चोपता, ऑली, फूलों की घाटी आदि जगहें ही आती हैं, जबकि उत्तराखंड में कई ऐसी गुप्त जगहें हैं, जो अभी भी टूरिस्टों से अछूती-सी ही हैं।


यानी अन्य जगहों के मुकाबले इन गुप्त जगहों की तरफ कम ही टूरिस्ट रुख करते हैं। हालांकि ये जगहें हैं बड़ी खूबसूरत। इनकी खूबसूरती और यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जान कोई भी हैरान रह जाएगा। उत्तराखंड में ऐसी ही एक जगह है लोहाघाट।


Lohaghat_hidden_gem_of_Uttarakhand


कश्मीर में नहीं लोहाघाट में है असली स्वर्ग

लोहाघाट भले ही एक पॉप्युलर डेस्टिनेशन न हो, लेकिन आप यहां के लिए अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। यकीन मानिए कि एक बार आप यहां गए तो यहां की हर चीज हमेशा के लिए आपको दिलोदिमाग में बस जाएगी। 


लोहाघाट के सौंदर्य का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार नैनीताल के खोजकर्ता और चीनी व्यापारी पी. बैरोन जब यहां आए थे तो उन्होंने कहा था, - 'कश्मीर क्यों जाया जाए अगर इस दुनिया में कहीं स्वर्ग है तो वह यहां लोहाघाट में है।'


Why go to Kashmir, if there is heaven in the world, so its in Lohaghat



ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं बनाती हैं पॉप्युलर

लोहाघाट उत्तराखंड के चंपावत जिले में लोहावती नदी के किनारे स्थित है और यह मंदिरों के लिए खासा मशहूर है। इस जगह से जुड़ी कुछ धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं हैं जो इसे टूरिस्टों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती हैं। 


खास बात यह है कि लोहाघाट के आसपास कई पॉप्युलर टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, जैसे कि श्यामला ताल, देवीधुरा, गुरुद्वारा रीठा साहिब, एबॉट माउंट, वाणासुर का किला, मायावती (अद्वैत) आश्रम और फोर्टी विलेज।

लोहाघाट के आकर्षण

अद्वैत आश्रम

यहां के मुख्य आकर्षणों में से एक है अद्वैत आश्रम, जोकि मायावती में स्थित है। यह रामकृष्ठ मठ शाखा की एक ब्रांच है, जोकि देवदार, बुरांश, चीड़ और बांज के खूबसूरत पेड़ों से घिरी है और यहां आने वाले लोगों को असीम आनंद और खूबसूरती के दर्शन कराती है। 


इस आश्रम की स्थापना स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से उनके शिष्य स्वामी स्वरूपानंद और एक अंग्रेज़ी शिष्य ने 1899 में की थी। इस आश्रम में स्वामी विवेकानंद भी कुछ दिन ठहरे थे।

बाणासुर का किला

लोहाघाट का एक आकर्षण यह भी है। बाणासुर का किला यहां से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि यह वही जगह है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने बाणासुर नाम के राक्षस का वध किया था। 


इस किले की एक तरफ हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियां दिखती हैं तो दूसरी तरफ अद्वैत आश्रम और अन्य पर्यटन स्थल।

एबॉट माउंट कॉटेज

इस जगह की खोज आजादी से पूर्ण जॉन एबॉट नाम के एक अंग्रेज ने की थी और इसीलिए इस जगह का नाम एबॉट माउंट पड़ा। 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थिक एबॉट से आप हिमालय की बर्फ से ढकी पहाड़ियों का आनंददायक नज़ारा देख सकते हैं। यहां करीब 13 कॉटेज हैं, जिनमें रहने का रोमांच अलग ही होता है।

कैसे पहुंचें लोहाघाट

हवाई यात्रा के ज़रिए

लोहाघाट का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट पंतनगर एयरपोर्ट है जोकि शहर से 182 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लोहाघाट जाने के लिए पंतनगर से कैब या फिर टैक्सी किराए पर ली जा सकती है।


सड़क मार्ग के ज़रिए

अगर आप सड़क मार्ग के ज़रिए जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको ज़्यादा दिक्कतों को सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि लोहाघाट अन्य जगहों से सड़कों के ज़रिए कनेक्टेड है। यहां के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड से भी बसें जाती हैं जोकि आपको या तो लोहाघाट या फिर टनकपुर उतारेंगी।

रेल मार्ग के ज़रिए

लोहाघाट का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है, जोकि लोहाघाट से 87 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचकर आप अपने डेस्टिनेशन के लिए कैब या फिर टैक्सी बुक कर सकते हैं।

लोहाघाट जाने के लिए सही समय

बात करें लोहाघाट जाने के लिए बेस्ट टाइम की, तो यहां सालभर खुशनुमा मौसम रहता है और आप किसी भी महीने जा सकते हैं, लेकिन गर्मियों और सर्दियों का वक्त ज़्यादा सही रहेगा। 


लोहाघाट में गर्मियों का सीजन अप्रैल से जून तक रहता है, जबकि इसके बाद बारिश शुरू हो जाती है। बेहतर होगा कि गर्मियों मे आप अप्रैल से जून के बीच ही लोहाघाट का टूर प्लान करें।


बात करें सर्दियों की, तो लोहाघाट में सर्दियां अक्टूबर से शुरू होकर मार्च के आखिर तक रहती हैं। इस दौरान यहां का तापमान 2 डिग्री से 10 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

अंतिंम शब्द (Final Words)

कोई पूछे तो कह दो की जन्नत यही है जन्नत यही है

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