2021-09-08

Optical Fiber क्या है और यह कैसे काम करता है?



आज के तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहे इस समय में मानव समाज अपने उपयोग का हर सामान इन्टरनेट के माध्यम से कर रहा है खाने के लिए सामान एक क्लिक करते ही घर पर आ जा रहा है। पहनने के लिए कपड़े, पढ़ने के लिए किताब यहा तक की अब ऑनलाइन आप लेन देन भी कर सकते है इसके लिए आपको बैंक जाने की भी जरुरत नही है।


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लेकिन क्या आपने कभी सोचा जिस इन्टरनेट के मदद से हम अपने कार्य को इतना सरल और आसान बना दिए वो इतना तेजी से कैसे काम करता है। दोस्तों यह ऑप्टिकल फाइबर के कारण संभव हो पाया है और पूरी दुनिया में इन्टरनेट के तेज होने का वजह ऑप्टिकल फाइबर ही है तो चलिए आज हम सब जानते है ऑप्टिकल फाइबर क्या है और ऑप्टिकल फाइबर केबल कैसे काम करता है। 


ऑप्टिकल फाइबर क्या है?

ऑप्टिकल फाइबर एक पतले कांच और प्लास्टिक से बना संचार का प्रणाली है जिसके माध्यम से सुचना को एक जगह से दुसरे जगह भेजा जाता है। इसमें डाटा को ट्रान्सफर करने के लिए लाइट का प्रयोग किया जाता है जिसका स्पीड बहुत ही अधिक तेज़ होता है यह टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन पर काम करता है।


ऑप्टिकल फाइबर में लाइट को एक स्पेसिफिक एंगल पे छोड़ा जाता है जिससे यह करीब प्रकाश की गति तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से ट्रेवल करता है जिससे इसमें डाटा का ट्रान्सफर बहुत ही जल्द एक जगह से दुसरे जगह पर हो जाता है। इसके तार किसी अन्य तार की तुलना में बहुत ही अधिक महंगा होता है।


टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन क्या है?

जब भी प्रकाश की किरण एक माध्यम से दुसरे माध्यम (यानि हवा और पानी) में इंटर करता है तो वह अपवर्तन के कारन अपने निश्चित रास्ते से थोडा अलग हट जाता है। और यह क्रिया ऑप्टिकल फाइबर में बार बार होता है। ऑप्टिकल फाइबर इसी सिद्धांत पर काम करता है।


ऑप्टिकल फाइबर का इतिहास

अगर देखा जाये तो ऑप्टिकल फाइबर का इतिहास बहुत ही पुराना है क्योकि इसके तथ्य ग्राहम बेल के साथ जुड़े है कहा जाता है उन्होंने इसके बारे सन 1880 बताया लेकिन यह उतना प्रभावकारी सिद्ध नही हुआ।


इसके बहुत समय बाद यानि सन 1956 में भारतीय मूल के भौतिक वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी ने अपने शोध और परिश्रम के बाद पहली बार ऑप्टिकल फाइबर केबल का अविष्कार किया। 


इसके पश्चात चार्ल्स काओ और होकमैंन ने इसके ऊपर काम करने के बाद पाया की इसमें किसी कारण बस इसमें ATTENUATION हो रहा है और उन्होंने ही बताया की यदि इसके ATTENUATION को कम कर दिया जाये तो ऑप्टिकल फाइबर को उपयोग में लेना आसान हो जायेगा।


सन 1970 में चार वैज्ञानिको की टीम ने मिल कर ATTENUATION की समस्या को हल किया उसके बाद ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल व्यापक तौर पर होने लगा और आज के समय में इसका उपयोग बहुत से क्षेत्रो में किया जा रहा है।


ऑप्टिकल फाइबर कैसे काम करता है?

ऑप्टिकल फाइबर या फिर किसी और केबल का बात करे तो दोनों में असमानता है क्योकि एक ओर  जहा दुसरे तार में डाटा का ट्रान्सफर इलेक्ट्रॉनिक्स पल्स के फॉर्म में होता है वही अगर बात ऑप्टिकल फाइबर का करे तो इसमें डाटा का ट्रान्सफर लाइट पल्स के फॉर्म में होता है और किसी अन्य तार के मुकाबले डाटा का ट्रान्सफर बहुत ही तेज होता है।


इसमें डाटा जहा से आता और जाता है वह पर एक ट्रांसमीटर लगा होता है जिसका मुख्य कार्य लाइट को पल्स के फॉर्म में ट्रांसमिट करना होता है। इसमें डाटा के स्पीड को सभी जगह पर सामान और तेज रखने के लिए इसमें कुछ दुरी पर एम्पलीफायर लगाया जाता है जिसके कारन इसका स्पीड बराबर मेन्टेन रहता है।


ऑप्टिकल फाइबर के बहरी परत को Cladding कहा जाता है जिसपे लाइट टकराने के बाद रिफ्लेक्ट कर जाता है जिससे यह बाहर नही निकल पाता है और कोर के जरिए दुसरे एंड तक पहुँच जाता है। 


ऑप्टिकल फाइबर केबल की सरंचना


ऑप्टिकल फाइबर केबल एक बहुत पतला तार होता है अगर इसकी तुलना करे तो इसकी मोटाई मनुष्य के बाल के बराबर होता है जिसके कारन इसे बहुत सुरक्षित करके रखा जाता है। 


ऑप्टिकल फाइबर के प्लास्टिक और कांच के बने होने के कारन यह बहुत कमजोर होता है जिससे इसे सुरक्षित रखने के लिए आठ लेयर का सुरक्षा दिया जाता है जिससे इसका कोर सुरक्षित रहे और अच्छे से काम कर सके। 


इसके सबसे बहरी परत में पॉलीमर का लेयर दिया जाता है जो वाटर प्रूफ होता है जो इसे वाटर से प्रोटेक्ट करता है। इसके बाद दूसरी परत बहुत ही मजबूत होता है जो स्टील का बना होता है। इसके बाद इसमें वाटर प्रूफ केमिकल लेयर लगाया जाता है।


उसके बाद इस प्रोसेस को दो से तीन बार दोहराया जाता है जिससे इसका मजबूती बहुत ही अधिक बढ़ जाता है उसके बाद इसे मशीन के द्वारा समुद्र में बिछा दिया जाता है।


ऑप्टिकल फाइबर के प्रकार

ऑप्टिकल फाइबर को उसके कार्य के अनुसार दो भागो में विभाजित किया गया है-

  • Single Mode Optical Fiber
  • Multi Mode OpticalFiber


Single Mode Optical Fiber 

SINGLE MODE OPTICAL FIBER के नाम से ही पता चलता है इसमें सिर्फ प्रकाश एक ही डायरेक्शन पर चलता है इसमें डाटा का स्पीड तेज़ होने के कारन इसका इस्तेमाल लम्बी दुरी के लिए किया जाता है।


SINGLE MODE OPTICAL FIBER में डाटा LOSS बहुत ही कम होता है और MULTI MODE OPTICAL FIBER के तुलना में इसका बैंडविड्थ ज्यादा होता है। 


Multi Mode Optical Fiber

MULTI MODE OPTICAL FIBER का कोर SINGLE MODE OPTICAL FIBER के कोर से ज्यादा होता है जिसके कारन इसमें प्रकाश का डायरेक्शन एक से अधिक होता है। 


MULTI MODE OPTICAL FIBER का एक फायदा यह है की इसमें अलग अलग वेवलेंथ के लाइट को एक साथ भेजा जा सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल कम दुरी के लिए किया जाता है क्योकि की इसमें डाटा LOSS ज्यादा होता है।


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ऑप्टिकल फाइबर के उपयोग

  • ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग डॉक्टर द्वारा सर्जरी के दौरान किया जाता है।
  • इसका इस्तेमाल हाई स्पीड के साथ ज्यादा डाटा को संचारित करने के लिए भी किया जाता है।
  • इसका इस्तेमाल पॉवर ट्रांसमिशन में भी किया जाता है।
  • ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग रिसर्च के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।
  • कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग के क्षेत्र में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

ऑप्टिकल फाइबर के फायदे

  • ऑप्टिकल फाइबर ज्यादा सुरक्षित होता है किसी मैटेलिक केबल के तुलना में, क्योकि इसके कोर के ऊपर आठ परत होता है।
  • इसके डाटा के साथ छेड़-छाड़ बहुत ही मुस्किल है।
  • इसमें डाटा का स्पीड बहुत ही फ़ास्ट होता है। इसके कारण डाटा बहुत ही जल्द ट्रान्सफर हो जाता है।
  • ऑप्टिकल फाइबर में डाटा को लम्बी दुरी तक भेजा जा सकता है।
  • इसका डाटा LOSS और पॉवर LOSS बहुत ही कम होता है।
  • इसमें डाटा ट्रान्सफर के लिए प्रकाश का इस्तेमाल होता है जिससे शार्ट सर्किट का खतरा नही होता है।
  • ऑप्टिकल फाइबर का बैंडविड्थ 10 से 100 गुना अधिक होता है जिसके कारन डाटा का स्पीड फ़ास्ट होता है।
  • इसका आकार पतला और यह बहुत ही मुलायम होता है जिससे इसके रख रखाव अच्छे से हो पाता है।

ऑप्टिकल फाइबर के नुकसान

  • ऑप्टिकल फाइबर केबल बहुत ही महंगा होता है तथा इसमें इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी इसी के तरह महंगा होता है।
  • अन्य तार की तुलना में इसे अधिक सुरक्षा देना पड़ता है।
  • किसी कारण यदि इसके तार कट जाते है तो इसे जॉइंट और रिपेयर्स करने में काफी मुस्किल होता है।
  • इसे अधिक बैंड करने पर इसके टूटने का खतरा भी होता है।


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Final Words (अंतिम शब्द )  

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम सब ने ऑप्टिकल फाइबर क्या है और इससे जुड़े जानकारी के बारे में जाना मुझे उम्मीद है की आपको ऑप्टिकल फाइबर और उसके बारे में दी गई जानकारी पसंद आयी होगा। यदि आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो इसे शेयर करे और कुछ त्रुटि रह गया हो तो कमेंट करके जरुर बताये। 

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